
Repoter: क्रांति पथ न्यूज ब्यूरो.(Jaibir Rawat).
देहरादून: 03 अगस्त 2026. एक साल पहले 05 अगस्त को आई भीषण आपदा ने धराली और आसपास की भागीरथी घाटी को गहरे जख्म दिए थे। कुछ ही पलों में मलबे ने वर्षों की मेहनत को अपनी चपेट में ले लिया।
घर दुकान,खेत-खलिहान, बाग-बगीचे, पशुधन और आजीविका के साधन प्रभावित हुए। चारों ओर मलबा, मायूसी और भविष्य को लेकर अनिश्चितता थी
आज, एक साल बाद तस्वीर बदल चुकी है।
धराली, हर्षिल और भटवाड़ी एक बार फिर उठ खड़े हुए हैं। सड़कें और दूसरी आधारभूत सुविधाएं बहाल हो रही हैं, खेतों में हरियाली लौट रही है, बाग-बगीचे फिर संवर रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ रही है। आपदा से उपजी निराशा की जगह अब पुनर्निर्माण और बेहतर भविष्य का विश्वास दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा के पहले दिन से ही ‘राहत-बचाव से पुनर्वास और पुनर्वास से पुनर्विकास’ की रणनीति पर काम किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, पीड़ित परिवारों से मिले और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रभावितों की सहायता और आधारभूत सुविधाओं की बहाली में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए.
बीते एक वर्ष में ₹33 करोड़ से अधिक के विकास, पुनर्वास और आर्थिक सहायता के कार्यों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्र और परिवारों को संबल प्रदान किया गया.
क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी गई। साथ ही नदी किनारे बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया गया, ताकि पुनर्निर्माण के साथ क्षेत्र को भविष्य की संभावित आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
आपदा के तत्काल बाद राहत एवं बचाव से शुरू हुआ सरकार का अभियान मुआवजा और पुनर्वास होते हुए अब पुनर्विकास तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने समय-समय पर कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पुनर्निर्माण का उद्देश्य केवल पुरानी व्यवस्था बहाल करना नहीं, बल्कि क्षेत्र को पहले से अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “धराली की आपदा हमारे लिए केवल पुनर्निर्माण की चुनौती नहीं थी, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन और भविष्य को फिर से संवारने का दायित्व भी था। हमारी सरकार पहले दिन से प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हमारा संकल्प है कि भागीरथी घाटी को पहले से अधिक सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाया जाए। पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे भी जारी रहेंगे।”
एक वर्ष पहले जिस धराली की तस्वीरों ने पूरे देश को व्यथित किया था, आज वही धराली अपने साहस और पुनर्निर्माण से नई उम्मीद जगा रही है।
आपदा के एक वर्ष बाद भागीरथी घाटी में आया यह बदलाव स्थानीय लोगों के हौसले और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार की संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय और सतत प्रयासों की कहानी कहता है।
एक साल पहले धराली आपदा से जूझ रही थी, आज वही धराली नए विश्वास के साथ भविष्य की ओर बढ़ रही है।



