उत्तराखंडदेहरादून

समाधान दिवस’ में डीएम का एक्शन मोड, लापरवाह अधिकारियों को चेताया,

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169 शिकायतें, कई का मौके पर समाधान, जनता की तकलीफ पर संवदेनशील दिखे डीएम.

अवैध प्लाटिंग और कब्जों पर प्रशासन सख्त, जालसाज व धोखेबाजों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी.

एसीपी भुगतान में लापरवाही पडी भारी, डेयरी प्रबंधक के वेतन पर लगी रोक.

देहरादून: जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे 169 फरियादियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी गंभीर समस्याएं रखीं। डीएम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।

समाधान दिवस में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, आपदा क्षतिपूर्ति और पारिवारिक प्रताड़ना से जुड़े मामले प्रमुखता से छाए रहे। मामलों की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया।

लापरवाही पर गिरी गाज, डेयरी प्रबंधक का वेतन रोका
अधोईवाला निवासी नितिन कुमार ने शिकायत की कि दुग्ध संघ में कार्यरत उनकी माता को बार-बार चक्कर काटने के बाद भी एसीपी का भुगतान नहीं किया गया है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएम ने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (आंचल डेयरी), रायपुर रोड के प्रबंधक के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए और पीड़ित को तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।

भू-माफियाओं और अवैध कब्जों पर सख्त एक्शन.

ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट स्थित ऐतिहासिक खुर्जा वाली धर्मशाला की भूमि पर एमडीडीए व प्रशासन के आदेशों की अवहेलना कर किए जा रहे अवैध निर्माण पर एसडीएम को तुरंत कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए।

शिक्षा और दिव्यांगों को आर्थिक मदद.
जनता दरबार में उत्तराखंड प्राविधिक विश्वविद्यालय (सुद्धोवाला) में बीटेक कर रही एक छात्र की फीस के लिए आर्थिक सहायता, एक दिव्यांग महिला द्वारा गुजारे के लिए मदद और कुडियाल निवासी महिला द्वारा अपनी बेटी की तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई जारी रखने के लिए ‘नंदा सुनंदा’ से दोबारा आर्थिक सहायता की गुहार लगाई गई, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर त्वरित विचार करने का आश्वासन दिया गया
जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपर्णा ढ़ौडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से एसडीएम व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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